चार बरस
Tuesday, May 27, 2025
सवाली लगता है
यूँ अचानक खुद से खाली लगता है
तेरे दर से भटका सवाली लगता है।
फितरत से भोला औ' था बड़ा सीधा
तो अब क्यों सबको बवाली लगता है
है जिस शाख पर पंछियों की सरगम
मिला मौका तो काटने डाली लगता है।
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