मुझे ग़म की जरूरत नहीं है
रोने के लिए
तुम्हारे साथ होने का
एहसास ही काफी है
तुम्हारा होने के लिए।
तुम्हारे होने के लिए
मुझे
ग़म की ज़रूरत नहीं है
रोने के लिए।
आँखें
बस तुम्हारा नाम भर सुन लें
तो भी भीग जाती हैं।
मैं
हर बार कोई वजह नहीं ढूंढता —
तकलीफ़ जताने को।
कभी-कभी
बस तुम्हारा होना
इतना भारी होता है
कि दिल
अपने आप
हल्का होना चाहता है।
तुम्हारे साथ होने का एहसास ही
काफ़ी है —
तोड़ देने के लिए
उन सभी दीवारों को
जो मैंने अपने और तुम्हारे बीच
खड़ी कर रखी थीं।
मैं रोता हूँ,
पर ये आँसू
शिकायत के नहीं हैं।
ये
उस गहराई के हैं
जहाँ शब्द खत्म हो जाते हैं,
और सिर्फ़
"तुम"
बच जाते हो।
तुम्हारा होना —
कहीं दूर,
कहीं पास,
कहीं अधूरा —
पर
तुम्हारा होना ही काफी है।
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