सच, आपके आने से हमारी जिंदगी बदल गई है।हम फिर से जीने लगें हैं। खुशियों ने हमारा हाथ एक बार फिर से थाम लिया है। आपकी पाकीज़ा मोहब्बत ने मेरे जीवन में प्यार की परिभाषा को सार्थक किया है। बस, अब यूं ही साथ रहिएगा हमेशा। हमारे बनकर, सिर्फ हमारे बनकर। ये दिल ही तो जानता है हमारी मोहब्बत का आलम कि मुझे जीने के लिए साँसों की नहीं आपकी जरूरत है।
सच कहूँ —
तुम आए, और जीवन
फिर से मुस्कराने लगा।
जैसे सूनी डालों पर
फिर से कोई पुष्प खिल गया।
वो सुख जो छूट गया था कहीं,
वो हँसी जो खो गई थी राहों में,
अब थामे है मेरा हाथ —
तुम्हारी मोहब्बत की पवित्र बाँहों में।
तुमने मेरी साँसों को अर्थ दिया,
मेरे मौन को नाम दिया,
प्रेम को केवल चाह नहीं,
एक पूजा का स्थान दिया।
अब तुमसे बढ़कर क्या चाहिए?
साँसों से ज़्यादा तुम जरूरी हो,
मेरे हर पल की धड़कन में
तुम्हारी ही सदा पूरी हो।
यूँ ही रहना…
मेरे साथ, मेरे पास,
मेरे बनकर…
केवल मेरे बनकर।
क्योंकि यह दिल जानता है
उस मोहब्बत का आलम —
जिसे कोई अल्फ़ाज़ नहीं,
सिर्फ़ एक नाम चाहिए: तुम।
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